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लाखों वयसà¥à¤• गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों के साथ जी रहे हैं और उनमें से अधिकांश को इसकी जानकारी à¤à¥€ नहीं है। जबकि लोग नियमित रूप से अपने रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° की जाà¤à¤š करवाते हैं, फिर à¤à¥€ वे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की किसी à¤à¥€ अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ समसà¥à¤¯à¤¾ का पता लगाने के लिठ“कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ टेसà¥à¤Ÿâ€ नहीं करवा पाते हैं। 2015 के वैशà¥à¤µà¤¿à¤• बोठबीमारी (जीबीडी) के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ कि पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारी (सीकेडी) को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मृतà¥à¤¯à¥ के 8 वें पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ दिया गया है।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के कई शारीरिक संकेत हैं, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ लोग अनà¥à¤¯ बीमारियों (कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी कोई विशिषà¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ नहीं होती) के साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनदेखा करते हैं या à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाते हैं। इसलिà¤, इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• पर नजर रखनी चाहिठ(नीचे सूचीबदà¥à¤§ हैं) और बिना किसी देरी के पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिठपरीकà¥à¤·à¤£ करवानी चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž को अगर कोई à¤à¥€ अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हो, तो बताना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, अगर कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, सीà¤à¤¡à¥€ से पीड़ित है, या गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की विफलता का पारिवारिक इतिहास है, या यहां तक कि अगर 60 वरà¥à¤· से अधिक कि उमà¥à¤° है, तो नियमित आधार पर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ का परीकà¥à¤·à¤£ करवाना चाहिà¤à¥¤
जबकि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी का निदान करने का à¤à¤•मातà¥à¤° तरीका पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठपरीकà¥à¤·à¤£ कराना है, यहां कà¥à¤› शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत दिठगठहैं जो यह बताते हैं कि कà¥à¤¯à¤¾ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी या गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ का संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है:
टखनों, पैरों या टांगों में सूजन: गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में कमी से सोडियम जमा हो जाता है जिससे आपके पैरों, चेहरे और टखनों में सूजन हो सकती है।
आंखों के आसपास सूजन (पेरिऑरà¥à¤¬à¤¿à¤Ÿà¤² à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾): यह कोशिकाओं या ऊतकों में तरल पदारà¥à¤¥ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कारण आंखों के आसपास सूजन या मोटा हो जाना है। अनà¥à¤¯ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों के अलावा यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ के रूप में à¤à¥€ विकसित हो सकता है। आंखों के आस-पास की सूजन यह संकेत दे सकती है कि आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को रखने के बजाय मूतà¥à¤° में बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में इसका रिसाव कर रहे हैं।
कमजोरी, थकान, à¤à¥‚ख में कमी: आप सामानà¥à¤¯ दिनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक थका हà¥à¤† महसूस कर सकते हैं। यह काफी हद तक रकà¥à¤¤ में विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ और अशà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कारण होता है, जो खराब गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प होता है।
हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ सà¥à¤¤à¤° गिरता है (वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कमजोरी लग सकती है): गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी की आम जटिलताओं में से à¤à¤• खून की कमी है। इससे कमजोरी और थकान हो सकती है।
पेशाब के आवृतà¥à¤¤à¤¿ में परिवरà¥à¤¤à¤¨: पेशाब बनने में कमी हो सकती है या आपको अधिक बार पेशाब करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता महसूस हो सकती है, खासकर रात में। यह à¤à¤• चेतावनी संकेत हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह इंगित करता है कि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के फ़िलà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› मूतà¥à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ या बढ़े हà¥à¤ पौरà¥à¤· गà¥à¤°à¤‚थि का संकेत à¤à¥€ हो सकता है।
à¤à¤¾à¤—दार पेशाब या इसमें खून का आना: पेशाब में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤— इसमें में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कि ओर इशारा करता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ जब गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के फिलà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते हैं, तो रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ पेशाब में रिसने लगती हैं। गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी का संकेत देने के अलावा, पेशाब में खून का आना रकà¥à¤¤ टà¥à¤¯à¥‚मर, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी या किसी अनà¥à¤¯ तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत दे सकता है। पेशाब में मवाद आने के साथ बà¥à¤–ार या ठंड लगना गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
सूखी और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾: सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ आपके शरीर से अपशिषà¥à¤Ÿ और अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ निकालते हैं और लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को बनाने में मदद करते हैं जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत रखने के अलावा आपके रकà¥à¤¤ में खनिजों की सही मातà¥à¤°à¤¾ को बनाठरखते हैं। सूखी और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बà¥à¥€ हà¥à¤ˆ बीमारी का संकेत हो सकती है।
पीठदरà¥à¤¦ या पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦: पीठ, बाजू में या पसलियों के नीचे गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में पथरी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। इसी तरह, निचले पेट में दरà¥à¤¦ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ में पथरी (गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ से जोड़ने वाली नली) से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हो सकता है।
अपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखें
आमतौर पर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियां धीरे धीरे मारने वाली होती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में कोई धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ नहीं हो सकते हैं। हालांकि, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के विकास के जोखिम को कम करने के कई तरीके हैं। इसलिठअपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ के रोगगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाने कि पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ ना करें। निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कदम गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की देखà¤à¤¾à¤² करने में मदद कर सकते हैं:
खूब पानी पिà¤à¤‚: यह आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने का सबसे आम और सरल तरीका है। बहà¥à¤¤ सारे तरल पदारà¥à¤¥, विशेष रूप से पानी का सेवन, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को शरीर से सोडियम, यूरिया और विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को साफ करने में मदद करता है।
कम सोडियम/नमक का सेवन: अपने सोडियम (या नमक) का सेवन नियंतà¥à¤°à¤£ में रखें। इसका मतलब है कि आपको पैक किया गया/रेसà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤‚ के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से परहेज करना होगा। इसके अलावा अपने खाने में अतिरिकà¥à¤¤ नमक न डालें।
शरीर का उचित वजन बनाठरखें: सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें और अपने वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें। इसके अलावा, आहार से संतृपà¥à¤¤ वसा को खतà¥à¤® करें और रोजाना बहà¥à¤¤ सारे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने पर जोर दें।
रकà¥à¤¤ में चीनी के सà¥à¤¤à¤° को नियमित रखें: मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मरीजों में गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ खराब होने पर जलà¥à¤¦à¥€ पता लगने पर इसकी रोकथाम की जा सकती है। इसलिठआपके रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° की नियमित जांच करवाना आवशà¥à¤¯à¤• है।
रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की निगरानी करें: यदि आपको उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली बनाठरखें और यदि संà¤à¤µ हो तो आहार में आवशà¥à¤¯à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ करें। सामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का सà¥à¤¤à¤° 120/80 है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है इसके अलावा आघात या दिल का दौरा à¤à¥€ पड़ सकता है।
नियमित रूप से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ और पेशाब का परीकà¥à¤·à¤£ करवाà¤à¤‚: अगर आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª या मोटापा है या उमà¥à¤° 60 साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ का परीकà¥à¤·à¤£ करवाà¤à¤‚ और पेशाब का परीकà¥à¤·à¤£ नियमित रूप से करवाà¤à¤‚। मूतà¥à¤° में थोड़ी सी à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का पता लगने के मामले में अपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž से मिलना चाहिà¤à¥¤ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों को विशेष रूप से इस पर नजर रखनी चाहिà¤à¥¤
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